घर-आँगन जो हरा भरा है है किस के, परिश्रम का ये फल, मेरी भार्या जो थके नहीं कभी, पर सोचे हर पल, कितने... घर-आँगन जो हरा भरा है है किस के, परिश्रम का ये फल, मेरी भार्या जो थके नहीं कभी, ...
उन नौ दिनों में सब भूल के माँ सबको देती एक समान आशीर्वाद और फल। उन नौ दिनों में सब भूल के माँ सबको देती एक समान आशीर्वाद और फल।
मनवांछित फल पावै, मैया जी को खूवै मनावें। मनवांछित फल पावै, मैया जी को खूवै मनावें।
क्यों सोच नहीं सही हो सकता है काश यह नवरात्रि रोज आए माँ, काश यह नवरात्रि रोज आए माँ। क्यों सोच नहीं सही हो सकता है काश यह नवरात्रि रोज आए माँ, काश यह नवरात्रि रोज...
वर दे वीणावादिनी वर दे ! ----- सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" वर दे वीणावादिनी वर दे ! ----- सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"
बिसरा सारे अंधियारे को नव प्रकाश से नाता जोड़ें। बिसरा सारे अंधियारे को नव प्रकाश से नाता जोड़ें।